योगासन

प्राणायाम में मुद्रा की भूमिका | Role of Mudra in Pranayama

प्राणायाम में मुद्रा की भूमिका | Role of Mudra in Pranayama

प्राणायाम में उँगलियों की संस्थापन एक विशेष भूमिका रखती है। इन्हीं उँगलियों से पंचभूत का नियंत्रण सम्भव है। अब देखें उँगलियों के प्रतीक क्या-क्या है।   वृद्धांगुठ (अंगूठा)- सूर्य या अग्नि का प्रतीक। तर्जनी (निदेशक उँगली -हवा का प्रतीक)। मध्यमा (बीच की उँगली- महाकाश का प्रतीक। अनामिका (अघड्ढगरीय)- पृथ्वी का प्रतीक। कनिष्ठा (छोटी उँगली)- जल का …

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Learn Pranayama | प्राणायाम सीखें

Learn about Pranayama | प्राणायाम के बारे में जाने

प्राणायाम सीखें प्राणों के आयाम या विस्तार को प्राणायाम कहते हैं। प्राणायाम अभ्यास से जीवन-शक्ति वृद्धि पाती है। इस प्राणायाम के सहारे साँप, मेंढ़क आदि प्राणी शीतऋतुओं में इसी प्रणाली से साँस लेते हैं एवं निद्रावस्था में रहते हैं। प्राणायाम के समय वायु के रूप में पर्याप्त ऑक्सीजन प्रतिशोधक क्षमता बढ़ा लेते हैं। इस प्रणायाम …

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धौति क्रिया | Dhouti Kriya

धौति क्रिया | Dhouti Kriya

धौति क्रिया हजारों वर्ष पहले से भारतीय ऋषिमुनिगण वायु और जल की सहायता से शरीर के भीतरी भागों को धोते थे। उन्होंने इस पद्धति का नाम दिया था धौति। धौति के द्वारा शरीर के प्रदूषित कण साफ हो जाते है। शरीर में नई कर्मशक्ति आती है। सावधानियाँ- (1) शरीर का ऊर्ध्वाश (कपाल और नासिका प्रदेश, …

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Learn Pranayama | प्राणायाम सीखें

Learn Pranayama | प्राणायाम सीखें

‘प्राणायाम’ प्राणवायु को नियंत्रित करने की प्रक्रिया है। हमारे प्राचीन ऋषियों का मानना था कि प्रत्येक जीव के साँसों की संख्या निश्चित  होती हैं। जीव यदि उस साँस को अव्यवस्थित रूप से व्यय करता है, तो वह एक दिन अपनी जीवनी शक्ति गंवा कर अकाल मृत्यु को प्राप्त होता है। यदि वह प्राणायाम के द्वारा …

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उर्ध्वपद्मासन | oordhv padmaasana

उर्ध्वपद्मासन | Oordhv padmaasana

विधि- जमीन पर मुलायम कपड़ा गोल लपेटकार सिर को कपड़े पर रखकर दानों हाथों के तलों की ऊँगलियाँ फसाकर भूमि पर उल्टा खड़ा हुआ जाता है। पैरों को सीधा ऊपर न रखकर हवा में पद्मासन की शक्ल में मोड़ा जाता है। इस आसन में कोहनियों से आगे को हाथ व सिर ही भूमि का स्पर्श …

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नटराज आसन | Natraj Asan

नटराज आसन | Natraj Asan

इस आसन को करते समय व्यक्ति के शरीर को स्थिति नटराज के समान हो जाती है, अतः इस आसन को नटराज आसन कहा जाता है। विधि – जमीन पर सीधे खेड़े हो जायें। दायें पैर के घुटने को पीछे की ओर मोड़ लें। दायें हाथ की सभी ऊँगंलियों को मिलाकर उस हाथ को कड़ा कर …

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वज्रासन योगमुद्रा | Vajrasana Yogamudra

वज्रासन योगमुद्रा | Vajrasana Yogamudra

इस आसन में वज्रासन और योगमुद्रा दोनों का योग है, इसीलिए इसे वज्रासन योगमुद्रा कहते हैं। विधि – भूमि पर आसन बिछा लें। घुटनों के बल वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएँ। अपने दोनों हाथ कमर के पीछे ले जाइए। किसी एक हाथ से दूसरे हाथ की कलाई पकड़े। साँस को धीरे-धीरे बाहर निकालते हुए …

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बद्ध-पद्मासन योगमुद्रा | Badh-Padmasana Yogamudra

बद्ध-पद्मासन योगमुद्रा | Badh-Padmasana Yogamudra

इस आसन में पद्मासन, बद्ध-पद्मासन एवं योग मुद्रा-तीनों का योग है। इसलिए इसे बद्ध-पद्मासन योगमुद्रा कहते हैं। विधि- भूमि पर आसन बिछाकर सर्वप्रथम पद्मासन की मुद्रा में आसन लगाएँ। तत्पश्चात् बद्ध-पद्मासन की मुद्रा अपनाइए। साँस को गहरा खींचिए। फिर रेचक करते हुए (धीरे-धीरे साँस बाहर निकालते हुए) धीरे-धीरे कमर से आगे की ओर झुकिए । …

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बद्ध-पद्मासन | Badh-Padmasana

बद्ध-पद्मासन | Badh-Padmasana

इस आसन में पद्मासन की मुद्रा बनाकर हाथ एवं पैरों को बाँधते हैं, इसलिए इसे बद्ध-पद्मासन कहते है। विधि- कम्बल या दरी की चार तह लगाएँ। पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएँ। एड़ियों को पेट के निचले भाग से सटाएँ। पैर के पंजो को जाँघों से बाहर निकालकर दोनों ओर की कमर से लगाएँ। अब …

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उत्काटासन | Utkatasan

उत्काटासन | Utkatasan

यह आसन हवा में नितम्ब को स्थापित करके बैठने की मुद्रा में लगाया जाता है। विधि- दरी या कम्बल पर सीधे खडे़ हो जाइए। मुद्रा ‘सावधान’ की रहनी चाहिए। दोनों हाथ कमर पर रखिए। घुटनों को मोड़ते हुए कुर्सी पर बैठने की मुद्रा बनाइए। जाँघाें पर घुटनों की स्थिति सम रेखा में होनी चाहिए। घुटने …

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ध्रुवासन | Dhruvasana

ध्रुवासन | Dhruvasana

कहा जाता है कि प्रसिद्ध प्रभुभक्त ‘ध्रुव’ ने इसी आसन को लगाकर तपस्या की, इसलिए इस आसन को ध्रुवासन कहा जाता है। विधि- भूमि पर आसन बिछाकर सीधे खड़े हो जाइए। खड़े होने पर आपकी स्थिति ‘सावधान’ की मुद्रा में होनी चाहिए। दाई टाँग को नंग-मूल में सटा लीजिए। दोनों हाथों को जोड़कर प्रणाम की …

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नाभिकादर्शनासन | Navhikadarsnasan

नाभिकादर्शनासन | Navhikadarsnasan

इस आसन को लगाकर नाभी को देखते हैं। इसलिए इसे ‘नाभिकादर्शनासन’ या ‘नाभिकादर्शनासन’ कहते हैं। विधि- भूमि पर कम्बल या दरी बिछा लीजिए। टाँगें सामने की ओर फैला लीजिए। दोनों हाथों को पीछे की ओर ले जाकर हथेलियों को भूमि पर टिका दीजिए। पूरक करते हुए नितम्बों को ऊपर उठाकर एड़ियों एवं हथेलियों पर भार …

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उत्तानपादासन | Uttanapadasana

उत्तानपादासन | Uttanapadasana

यह आसन पीठ के बल लेटकर पाँवों को ऊपर उठाकर लगाया जाता है। इसलिए इसे उत्तानपादासन करते है। विधि- भूमि पर आसन बिछाकर पीठ के बल चित्त लेटकर दोनों हथेलियों को जाँघों के पास भूमि से लगाकर बाहों को शरीर के साथ लगाकर रखिए। लम्बी साँस खींच कर कुम्भक कीजिए। हथेलियों पर दवाब डालते हुए …

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पवन मुक्तासन | Pawan Muktasan

पवन मुक्तासन | Pawan Muktasan

इस आसन के द्वारा अवान वायु से शरीर को रिक्त किया जाता है, इसलिए इसे पवन मुक्तसन कहते हैं। विधि- दरी या कम्बल को चार परत मोड़कर भूमि पर बिछाए। इसके पश्चात् उस पर पीठ के बल चित्त लेट जाइए। दोनों टाँगों को सीधा फैला लीजिए दोनों हाथों को बगल में शरीर के समान्तर लिटा …

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सिंहासन | Sinhaasan

सिंहासन | Sinhaasan

शरीर की मुद्रा को सिंह के शरीर की भाँति बना कर आसन लगाने को सिंहासन कहते हैैं। पहली विधि- भूमि पर आसन लगाकर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएँ। दोनों हथेलियों के पंजो को शेर की भाँति तानकर दोनों घुटनों पर रखिए। जीभ को बाहर निकालिए, आँखो को शेर की आँखों की भाँति फैलाइए। पूरक …

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जानुशिरासन | Janushirasan

जानुशिरासन | Janushirasan

‘जानु’ का अर्थ घुटना होता है। इस आसन में सिर को घुटनों से सटाया जाता है। इसलिए इस आसन का नाम जानुशिरासन है। इसे ‘एकापाद-पश्चिम-मोत्तासन’ तथा ‘अर्द्ध-पश्चिमोत्तासन’ भी कहते है। विधि- भूमि पर आसन बिछाकर दोनों टाँगें सामने की ओर फैलाकर बैठ जाइए। दाईं टाँग को फैला रहने दीजिए। इसके पंजे तलवे को दाईं जाँघ …

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योगासन सीखें | Learn yoga

योगासन सीखें | Learn yoga

योगासनों के द्वारा आपका शरीर सदैव स्वस्थ रह सकता है। योगासन आपके स्वास्थ्य पर होने वाले प्रत्येक बिमारी से आक्रमण का मुकाबला करते हैं। दीर्घायू जीवन तभी प्राप्त होता है, जब शरीर लंबे समय तक साथ दें, और शरीर तभी साथ दे सकता है जब आप योगासन और प्राणायाम लगातार करते रहें। योगासनों के करने …

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मकरासन | Makarasan

मकरासन | Makarasan

मकड़े की आकृति में शरीर की मुद्रा बनाकर इस आसन को लगाया जाता है। इसे मकरासन कहते हैं। प्रायोगिक विधि- भूमि पर आसन बिछाकर पीठ के बल लेट जाएँ। अपनी टाँगों को चित्रनुसार मोडं़े। पाँवों में थोड़ा अंतर रखें। एड़ियाँ नितम्बों से मिली हुई रखें। अब साँस पुनः भरें और दूसरी ओर भी यही मुद्रा …

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धनुरासन | Dhanurasan

धनुरासन | Dhanurasan

शरीर को धनुष की आकृति में मोड़ने के कारण इस आसन को धनुरासन कहते हैं। विधि- भूमि पर आसन बिछाकर पेट के बल लेट जाएँ। अपनी टाँगों को घुटनों से मोड़कर कमर से ऊपरी हिस्से को उठाते हुए हाथों से दोनों पैरों को पकड़ें (देखें चित्र) पैरों को पकड़ते समय हाथों की उँगलियाँ एक तरफ …

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सर्पासन | Sarpasana

सर्पासन | Sarpasana

यह आसन सर्प की एक विशेष मुद्रा के अनुरूप होता है, इसलिए इसे सर्पासन कहा जाता है। विधि- भूमि पर आसन बिछाकर पेट के बल लेट जाइए दोनों हाथों की उँगलियों को एक-दूसरे में फँसाकर पीछे की ओर खीचें। साँस भरते हुए गर्दन और टाँगों को ऊपर उठाकर पैट के सहारे दाएँ-बाएँ रोल करें। फिर …

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