अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक इतिहास | International Olympic History in Hindi 2024

खेल का महाकुभ कहा जाने वाले International Olympic Day (अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस) हर साल 23 जून को मनाया जाता है। इसी दिन पेरिस के सोरबॉन में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना की गई थी।

इस समिति की स्थापना करने का श्रेय पियरे फ्रेडे, बैरोन डे कोबेर्टिन जाता है यह एक फ्रांसीसी शिक्षाशास्त्री और इतिहासकार थे और इनको अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति के संस्थापक और आधुनिक ओलंपिक खेलों के जनक मानें जाते हैं। इनका जन्म 1 जनवरी 1863 को एक फ्रांसीसी कुलीन परिवार हुआ था।

पियरे फ्रेडे, बैरोन डे कोबेर्टिन ने प्राचीन ओलंपिक खेलों को फिर से जीवंत करने के लिए 23 जून 1894 को एक रैली की थी। इसी की याद में हर साल इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के रूप में मनाया जाता है। ओलंपिक गेम्स सर्वप्रथम 23 जून 1894 सोरबोन, पेरिस में हो चुकी थी। इस गेम्स का मुख्य उद्देश्य पूरी दुनिया के लोगों को क्रियाशील बनने जीवन में खेलों के महत्व को समझने और उम्र, लिंग, जाति या धर्म के बावजूद दुनिया भर में खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस खेल में सर्वप्रथम कुल 9 देशों का एक समुह बनाया गया था, जिसमें आस्ट्रेलिया, कनाडा, बेल्जियम, ब्रिटेन, ग्रीस, स्वीटजरलैंड, पुर्तगाल, वेनजुएला और उरूग्वे को शामिल किया गया था।

ओलंपिक खेल का इतिहास

प्राचीन काल में भी इस तरह के खेलों आयोजन किया जाता था। इसका इतिहास लगभग 1200 साल पुराना है। उस दौरान इन खेलों का आयोजन योद्धाओं एवं खिलाड़िओं के बीच होता था। प्राचीन काल में मुक्केबाजी, दौड़, कुश्ती और रथों की दौड़ सैनिक प्रशिक्षण का हिस्सा होते थे।

इस खेलों का आयोजन चार साल में एक बार किया जाता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिताओं में से एक है। इस खेल में 200 से अधिक देशों के हजारों एथलीट विभिन्न प्रकार के खेलों में भाग लेते हैं। ओलम्पिक प्रतियोगिता शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती है।

ओलंपिक खेल नाम कैसे पड़ा

इस खेल का आयोजन ओलंपिया पर्वत पर साल 1896 में यूनान की राजधानी एथेंस में किया गया था। इसलिए इन्हें ओलंपिया पर्वत के नाम से ओलम्पिक खेल कहा जाने लगा। उस समय ओलम्पिक खेल में राज्यों और शहरों के खिलाड़ी भाग लेते थे। उस दौरान ओलम्पिक खेलों में घुड़सवारी और युद्ध सबसे लोकप्रिय खेल थे। इन सबके बावजूद कई सालों तक ओलम्पिक खेलों का विस्तार ठीक से नहीं हो सका था।

ओलंपिक खेल के बारे में प्रचलित बातें

ओलंपिक खेलों के बारे में प्रचलित बाते कुछ इस तरह है हरक्यूलिस ने ज्यूस के सम्मान में एक भव्य ओलम्पिक स्टेडियम को बनवाया उसके बाद 5वीं एवं 6वीं शताब्दी में ओलम्पिक खेलों की लोकप्रियता चरम पर पहुंच गई थी। उसके बाद रोमन साम्राज्य की बढ़ती शक्ति  को देखकर ग्रीस काफी विचलित हुआ इसी कारण इस खेल का महत्त्व घटता चला गया।

 

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ओलंपिक खेल के बारे जरूरी तथ्य

ओलंपिक खेल चार प्रकार के होते हैं।

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक :

ग्रीष्मकालीन ओलिम्पिक, जिन्हें आमतौर पर समर ओलिम्पिक के रूप में जाना जाता है, ये वो ओलिम्पिक होते हैं जो गर्मियों में आयोजित होते हैं। ग्रीष्मकालीन ओलंपिक का आयोजन पहली बार 1896 में ग्रीस की राजधानी एथेंस में हुआ था। अंतरराष्ट्रीय खेल प्राधिकृत निगम (IOC) समर ओलिम्पिक का आयोजन करता है और इसमें खिलाड़िओं को उनके खेल के क्षेत्रें में उनकी श्रेष्ठता को प्रकट करने का मौका मिलता है। इसके बाद से हर चार साल के अंतराल के बाद ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जाता है। इनमें खेलों के विभिन्न प्रकार के खेल जैसे कि ट्रैक और फील्ड, स्विमिंग, गिम्नास्टिक्स, बैडमिंटन, हॉकी, टेनिस, और कई अन्य खेल शामिल होते हैं।

शीतकालीन ओलंपिक :

शीतकालीन ओलिम्पिक, जिन्हें आमतौर पर विंटर ओलिम्पिक के रूप में जाना जाता है, ये वो ओलंपिक होते हैं जो सर्दियों में आयोजित होते हैं। विंटर ओलंपिक खेल का आयोजन पहली बार साल 1924 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में किया गया था। इनमें खेलों के विभिन्न प्रकार के खेल जैसे कि बर्फ स्केटिंग, स्की, बॉबस्लेड, कर्लिंग, बायअथलन और बहुत कुछ शामिल होते हैं।

विंटर ओलिम्पिक हर 4 साल में आयोजित होते हैं, और खिलाड़िओं की प्रतिस्पर्धा को सर्दियों में ठंड से जूझने वाली जगहों पर आयोजित किया जाता है। साल 1992 तक शीतकालीन ओलंपिक खेल, ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के साथ खेला जाता था। लेकिन इसके बाद इसे अलग से आयोजित किया जाने लगा। यह खेल सर्दियों की तगड़ी शारीरिक और मानसिक प्रतिस्पर्धा को प्रमोट करते हैं और खिलाड़िओं को उनके खेल क्षेत्रें में उनकी श्रेष्ठता को प्रकट करने का मौका प्रदान करते हैं। अंतरराष्ट्रीय खेल प्राधिकृत निगम (IOC) विंटर ओलिम्पिक का आयोजन करता है और इसमें खिलाड़िओं को उनके खेल क्षेत्रें में उनकी श्रेष्ठता को प्रकट करने का मौका मिलता है।

पैरालंपिक ओलंपिक :

पैरालिम्पिक ओलिम्पिक खेल विकलांग खिलाड़िओं के लिए आयोजित होते हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के विकलांगता से प्रभावित खिलाड़िओं को खेल में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलता है। पैरालिम्पिक खेल उन खिलाड़िओं के लिए होते हैं जिनके लिए पारंपरिक खेलों में खेलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन वे अपनी श्रेष्ठता को दुनिया के सामने प्रकट करने का इच्छुक होते हैं। पैरालंपिक खेल का पहला आयोजन साल 1960 में इटली के रोम में किया गया था। इस आयोजन में 23 देशों के 400 खिलाड़िओं ने भाग लिया था। पैरालिम्पिक ओलिम्पिक खेल विभिन्न खेलों के लिए होते हैं, जैसे कि ट्रैक और फील्ड, स्विमिंग, टेनिस, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, एक्वेटिक्स, और कई अन्य खेल। ये खेल पैरालिम्पिक मूवमेंट के हिस्से हैं और विकलांग खिलाड़िओं को उनके खेल क्षेत्रें में उनकी श्रेष्ठता को प्रकट करने का मौका प्रदान करते हैं। पैरालिम्पिक ओलिम्पिक खेल भी हर 4 साल में आयोजित होते हैं, और ये समर और विंटर ओलिम्पिक खेलों के साथ दुनिया भर से खिलाड़िओं को एकत्र आने का मौका प्रदान करते हैं।

यूथ ओलंपिक :

यूथ ओलिम्पिक, या किशोर ओलिम्पिक वो ओलिम्पिक होते हैं जो छोटे उम्र के खिलाड़िओं के लिए आयोजित होते हैं। इन खेलों का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ियों को खेल में प्रतिस्पर्धा करने का मौका प्रदान करना होता है और उन्हें ओलिम्पिक मूवमेंट का हिस्सा बनाना होता है। यूथ ओलंपिक खेलों का पहली बार आयोजन साल 2010 में सिंगापुर में किया गया था। इसमें 18 वर्ष की कम उम्र के खिलाड़ी अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

यूथ ओलिम्पिक खेल में विभिन्न खेलों के लिए प्रतिस्पर्धा की जाती है, जैसे कि ट्रैक और फील्ड, स्विमिंग, गिम्नास्टिक्स, बैडमिंटन, टेनिस, हॉकी, और कई अन्य खेल। ये खेल खिलाड़िओं को अपने खेल क्षेत्र में अधिक सामर्थ्य विकसित करने का मौका प्रदान करते हैं और उन्हें बचपन से ही ओलिम्पिक के माहौल में शामिल होने का अनुभव मिलता है।

यूथ ओलिम्पिक खेल हर 4 साल में आयोजित होते हैं, और ये खिलाड़िओं को उनके खेल क्षेत्रें में उनकी प्रतिबद्धता को प्रकट करने का मौका प्रदान करते हैं।

 

ओलंपिक खेलों में खिलाड़िओं को तीन प्रकार के पदक मिलते हैं :

  1. स्वर्ण पदकः स्वर्ण पदक यह पहला पदक होता है और इसे खिलाड़ी या टीम द्वारा किसी भी खेल के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर आने पर मिलता है।
  2. रजत पदकः चांदी पदक यह दूसरा पदक होता है और इसे खिलाड़ी या टीम जीतते हैं जब वे किसी खेल क्षेत्र में दूसरे स्थान पर आते हैं।
  3. कांस्य पदकः कांस्य पदक तीसरा पदक होता है यह खिलाड़ी या टीम को खेल क्षेत्र में तीसरे स्थान आने पर मिलता है।

ये पदक ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़िओं के लिए महत्वपूर्ण पुरस्कार होते हैं और उनकी मेहनत, तैयारी और उनके खेल क्षेत्र में प्रदर्शन की प्रशंसा का प्रतीक होते हैं।

 

ओलंपिक खेल में भारत

  • पहली बार भारत ने साल 1900 में पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लिया था। इस दौरान भारत के एकमात्र प्रतिनिधि के तौर पर नॉर्मन प्रिचर्ड ओलंपिक में शामिल हुए थे। भारत की तरफ से ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले नॉर्मन एक एंग्लो इंडियन थे। उन्होंने 200 मीटर स्प्रिंट और 200 मीटर बाधा दौड़ में दो रजत पदक जीते थे।
  • इसके बाद साल 1920 में एंटवर्प ओलंपिक में भारत ने अपना दल भेजा। इस दौरान भारत के पांच एथलेटिक्स में तीन और रेसलिंग में दो पहलवानों को भेजा था।
  • साल 1924 में पेरिस ओलंपिक में भारत ने टेनिस में अपना डेब्यू किया था। इस दौरान पांच खिलाड़िओं जिसमें की 4 पुरुष और 1 महिला ने एकल स्पर्धाओं में भाग लिया था।
  • साल 1928 में एम्स्टर्डम ओलंपिक से भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग की शुरुआत हुई। इस ओलंपिक में भारत ने मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में 29 गोल किए और एक भी गोल खाए बिना भारत को अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक भी दिलाया।
  • साल 1932 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक और 1936 के बर्लिन ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने अपनी गोल्डन हैट्रिक पूरी की थी। इसी के साथ भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक खेल में अपना परचम पूरी दुनिया में फहराने लगा।

भारतीय ओलंपिक पदक विजेता | Indian Olympic Medalist

खिलाड़ी का नाम एवं टीम पदक खेल जगह वर्ष 
नॉर्मन प्रिचर्ड रजत पुरुषों का 200 मीटर पेरिस 1900
नॉर्मन प्रिचर्ड रजत पुरुषों का 200 मीटर बाधा दौड़ पेरिस 1900
भारतीय हॉकी टीम स्वर्ण पुरुष हॉकी एम्स्टर्डम 1928
भारतीय हॉकी टीम स्वर्ण पुरुष हॉकी लॉस एंजिल्स 1932
भारतीय हॉकी टीम स्वर्ण पुरुष हॉकी बर्लिन 1936
भारतीय हॉकी टीम स्वर्ण पुरुष हॉकी लंदन 1948
भारतीय हॉकी टीम स्वर्ण पुरुष हॉकी हेल्सिंकी 1952
भारतीय हॉकी टीम स्वर्ण पुरुष हॉकी मेलबर्न 1956
केडी जाधव कांस्य पुरुषों की बेंटमवेट कुश्ती हेल्सिंकी 1952
भारतीय हॉकी टीम रजत पुरुष हॉकी रोम 1960
भारतीय हॉकी टीम स्वर्ण पुरुष हॉकी टोक्यो 1964
भारतीय हॉकी टीम कांस्य पुरुष हॉकी मेक्सिको सिटी 1968
भारतीय हॉकी टीम कांस्य पुरुष हॉकी म्यूनिख 1972
भारतीय हॉकी टीम स्वर्ण पुरुष हॉकी मास्को 1980
लिएंडर पेस कांस्य पुरुष एकल टेनिस अटलांटा 1996
कर्णम मल्लेश्वरी कांस्य भारोत्तोलन (महिलाओं का 54 किग्रा) सिडनी 2000
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ रजत पुरुषों का डबल ट्रैप शूटिंग एथेंस 2004
अभिनव बिंद्रा स्वर्ण पुरुषों का 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग बीजिंग 2008
विजेंदर सिंह कांस्य पुरुषों का मिडिलवेट बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) बीजिंग 2008
सुशील कुमार कांस्य पुरुषों का 66किग्रा कुश्ती बीजिंग 2008
सुशील कुमार रजत पुरुषों का 66 किग्रा कुश्ती लंदन 2012
विजय कुमार रजत पुरुषों का 25मी रैपिड पिस्टल शूटिंग लंदन 2012
साइना नेहवाल कांस्य महिला एकल बैडमिंटन लंदन 2012
मैरी कॉम कांस्य महिला फ्लाइवेट मुक्केबाजी लंदन 2012
योगेश्वर दत्त कांस्य पुरुष 60 किग्रा कुश्ती लंदन 2012
गगन नारंग कांस्य पुरुष 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग लंदन 2012
पीवी सिंधु रजत महिला एकल बैडमिंटन रियो 2016
साक्षी मलिक कांस्य महिला 58किग्रा कुश्ती रियो 2016
मीराबाई चानू रजत महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) टोक्यो 2020
लवलीना बोरगोहेन कांस्य महिला वेल्टरवेट (64-69 किग्रा) टोक्यो 2020
पीवी सिंधु कांस्य महिला एकल बैडमिंटन टोक्यो 2020
रवि कुमार दहिया रजत पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020
भारतीय हॉकी टीम कांस्य पुरुष हॉकी टोक्यो 2020
बजरंग पुनिया कांस्य पुरुष 65 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020
नीरज चोपड़ा स्वर्ण पुरुषों का भाला फेंक टोक्यो 2020

ओलंपिक खेल से जुड़े कुछ रोचक तथ्यः

  1. पहले ओलंपिक: पहले मॉडर्न ओलंपिक खेल 1896 में आयोजित हुए थे, लेकिन प्राचीन ग्रीक में भी ओलंपिक खेल 776 ईसा पूर्व से होते थे।
  2. ओलंपिक की चिंगारीः ओलंपिक की चिंगारी एक प्रतीक होती है, जिसमें पांच बड़े रंग होते हैंः नीला, काला, हरा, पीला, और लाल।
  3. ओलंपिक गाथाः ओलंपिक का मोटो स्विफ्रटर, हायर, स्ट्रांगर है, जो खिलाड़िओं की प्रतिस्पर्धा की भावना को दर्शाता है।
  4. ओलंपिक गोल्ड मेडलः ओलंपिक में ख़िताब पाने वाले गोल्ड मेडल में सोने का तात्कालिक मूल्य नहीं होता, यह वर्चुअली निर्धन होता है।
  5. दुनिया का सबसे महंगा ओलंपिकः 2008 में चीन के बीजिंग में आयोजित ओलंपिक खेल दुनिया के सबसे महंगे ओलंपिक खेल थे।
  6. ओलंपिक के लोगोः हर ओलंपिक खेल के लिए एक अनूठे लोगो डिजाइन किया जाता है, जो उस खेल की विशेषता को प्रकट करता है।
  7. दो महीने का आलस्यः पुराने यूनानी ओलंपिक में खिलाड़िओं को खेलो के लिए तैयारी के लिए दो महीने का आलस्य करने का अधिकार नहीं था।
  8. ओलंपिक गाम्स की प्राथमिकताः ओलंपिक खेलों में विभिन्न खेल जैसे कि एथलेटिक्स, गिम्नास्टिक्स, और स्विमिंग विश्वस्तरीय खेल होते हैं, जो ओलंपिक की प्राथमिकता होती हैं।
  9. ओलंपिक के खेल: ओलंपिक खेलों में विभिन्न खेल जैसे कि तीरंदाजी, बैडमिंटन, टेनिस, ताक और फिल्ड हॉकी, वर्श्य खेल आदि शामिल होते हैं।
  10. ओलंपिक का आयोजनः ओलंपिक खेलों का आयोजन हर 4 साल में एक बार होता है, और वर्ष 2020 में होने वाले ओलिम्पिक खेलों का आयोजन 2021 में कोरोना पैंडेमिक के कारण स्थगित किया गया था।

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